मौलिक भेषभुषामे स्कुल जईटी मोती मा.वि.के विद्यार्थी

कैलालीके जानकी गाउँपालिका वडा नं. ७ स्थित मोती माध्यमिक विद्यालयमे हप्ताके एक दिन शुखके रोज विद्यार्थीहुक्रे आपन मौलिक पहिरनमे विद्यालय जैतिवटै । विभिन्न समुदायके विभिन्न मौलिक पहिरनसे विद्यालयमे उपस्थित हुईल विद्यार्थीनसे विद्यालयमे रौनकता छाईलबा । विद्यालयमे आपन मौलिक पहिरन लगाके आई पैलेकम खुशी ब्यक्त कर्ती विद्यालयम पर्हे जैना हौसला ओ प्रोत्साहन हुईल विद्यार्थीहुक्रे बटैलै । सन्जना, पावर्ती, राधा, स्वस्तीका चौधरी आपन मौलिक पहिरन लगाके स्कुलमे पर्हे आईपैलेकमे धेर खुशी व्यक्त कर्लै ।

विद्यालय व्यवस्थापन समितिक अध्यक्ष पदम गिरीके अनुसार संस्कृति लोप होके नाजाए ओ संस्कृतिके जगेर्णा हुए कना वहाँके कहाई बा । विद्यालय व्यवस्थापन समिति ओ शिक्षक अभिभावक संघके बैठकमे छलफल कर्के शुख के रोज विद्यार्थीहुक्र आपन मौलिक भेषभुषामे विद्यालय आईसेक्ना निर्णय हुईल फे वहाँ बटैलै । सँगेसँगे विद्यालयके सहायक प्रधानाध्यापक खगेन्द्र राज ओझा विद्यालयमा मौलिक भेषभुषा लगाके अईनामे विद्यार्थी हुक्रनमे खुशी देखा परल बटैती वहाँ कनै “ भेषभुषा लगाके विद्यालय अईना सुरवात विद्यालय कर्ले बा तर अनिवार्य भर नैहो कहेकी विद्यालयमे गरिव अति विपन्न परिवारके बच्चा फे पर्हठै । जेकर ठन आफन मौलिक पहिरन बा वहाँ हुक्रे भर लगाके अइठै । यि नियमसे विद्यार्थीन्मे स्कुल अईना थप उर्जा देखा परल बा । प्रत्येक हप्ता शुखके स्कुलमे अतिरिक्त कृयाकलाप हुईठ । ”

ओस्तेके सम्बन्धित वडाके वडा अध्यक्ष कमल महतों अभिभावक भेला बोलाके राय, सुझाव सल्लाहसे कार्यक्रम सुरुवात करल बटैलै । यि विषयम अभिभावक हुक्रेफे सकरात्मक रहल फे वहाँ बटैलै । “यि कृया कलापसे भेषभुषा मौलिक पहिरन नयाँ पुष्तान्मे पुष्तान्तरण कर्ना सहज हुई ओ आपन संस्कृति, परम्परा, रितिरिवाज, चालचलनमे रमैना बातावरण फे सृजना हुई ।” वहाँ कलै ।

ओस्तेके जानकी गाउँपालिका अध्यक्ष गणेश चौधरी भेषभुषा संरक्षण सँगे स्थानिय भाषा पाठ्यक्रम निर्माणके काम तिब्र रुपसे हुईटी रहल बटैलै । वहाँ कलै पाठ्यक्रम तयार हुईटीकिल सकेसम जल्दी स्थानिय पाठ्यक्रम फे विद्यालयमे सुचारु करावी ।

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