
अनिल कुमार कुश्मी,
धनगढी । धनगढी उप(महानगरपालिकावडा न। ५ मे बैठुईया भावना चौधरीके मोबाईलमे सक्कर्ही लैहर से फोन ऐलिन। ओहोर से डाडु हर्डहुवा खाईक हाँक पार्टिहिन। धान लगाके ओरैटी रहल बेर पछ्छिउ नेपालके थारु बस्टीमे हर्डहुवा के रौनक छाईल बा।
हर्डहुवा धान लगाके ओराईल खुसीयालीमे कञ्चनपुर, कैलाली, बर्दियालगायत जिल्लामे रहल डगौरा, रानाथारु, कठरिया थारुहरू सामूहिक रूपमे खानपान, नाचगान कर्के मनाईटै कलेसे कहु कहु मनैना सुरसारमे बटै ।
थारु नागरिक समाज कैलालीके संयोजक दिलबहादुर चौधरी हर्डहुवा पर्वके अवसरमा चेलीबेटी, नाटपाट, गरगोटियार ओईन घरमे नेउटके मिठमाठ खैटी खुसीयालीके साठ मनैना चलन रहल बटैठै।
हुकान अनसार हर्डहुवाके शाब्दिक अर्थ हर ढोईना हो । जौन टिउहारमे गाउँक किसनवन सझियारुपमे सुरा मारके खानपान करके राहरङ्गी कर्ना रिट बा। मनो टोल पिच्छे हर्डहुवा फरक–फरक डिन मनैना कर्गील बा । ई टिउहार मनैना डिनमे एक रुपता लाने पर्ना फेन जरुरी रहल कहिके संयोजक चौधरी जोर डेनै ।
थारु समुदायमे हर्डहुवाके अपने मौलिक विशेषता रहल बा । धान बैठैनीमे जान नई जानके किरा फटिङ, साप, गोजर, मेघी गोजर जैसिन जीव मर्ना काम हुईलक ओर्से पापसे मुक्ति पाईक लाग फेन हर्डहुवाके पूजा कर्ना ओ खानपान करके हर्डहुवा मनैना चलन रहटी आईल बटाजाईठ ।